दर्शनशास्त्र
मनोविज्ञान अगर सजीवों द्वारा मानसिक व संवेदनात्मक स्तर पर झेले जा रहे समस्याओं के अध्ययन की एक शाखा है तो दर्शनशास्त्र उन समस्याओं के सटीक समाधान सुझाने का शास्त्र है। ऐसी समस्याएं जो सामने दिखाई तो देती हैं लेकिन अगर उसका कोई समाधान नहीं है, तो ऐसी समस्याएं आपके लिए महत्वहीन होंगी और आपको यह डिगा भी नहीं सकती। हम अपने दैनिक जीवन में कतिपय बार इस प्रश्न से दो-चार होते हैं कि हमारा जीवन-दर्शन क्या है? हर व्यक्ति के लिए इसके अलग-अलग मायने हो सकते हैं पर उन सबों में एक ही भावना सन्निहित होती है कि हम अपना जीवन किस दिशा में ले जा रहे हैं या हमारे जीवन का लक्ष्य क्या है? उच्चतर बौद्धिक स्तर पर इसका सीधा मतलब हमारी अंतरात्मा से होता है तथा उसी स्तर पर इन समस्याओं को सुलझाने का तरीका भी प्राप्त करना होता है। आशा है कि महान हस्तियों तथा दार्शनिकों के ये शब्द आपका अपना जीवन सफलता के मार्ग पर लाने में जरूर मदद करेगा तथा इसे खुशहाल, शांतिपूर्ण और आनंदमय बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा।