Copyright © 2012. ---
एलर्जी शरीर के इम्यून सिस्टम की एक प्रतिक्रिया है जो कि सामान्यत: नुकसान न देनेवाले पदार्थों के कारण होती है, जैसे पराग, घर की धूल, पेंट और कभी-कभी खाने के पदार्थ जैसे मूंगफली, दूध के अन्दर के लैक्टोज इत्यादि। ज्यादातर लोगों में इन पदार्थों की वजह से कोई समस्या पैदा नहीं होती। लेकिन कुछ लोगों को इसकी एलर्जी होती है और उन्हें इन सामान्य पदार्थों से भी खतरा होता है। शरीर की इम्यून सिस्टम उन पदार्थों को खतरा मानती है और अयोग्य तरीके से प्रतिक्रिया देती है तथा इस प्रतिक्रिया को ही एलर्जी कहते हैं।
ज्यादातर एलर्जी हानिकारक नहीं होती लेकिन कभी-कभी वह गंभीर समस्या बन जाती है। इस क्षेत्र में किए जा रहे अनवरत अनुसंधानों से हमें एलर्जी को समझने में काफी मदद मिली है और हम एलर्जी की बीमारी के प्रति तथा एलर्जी पैदा करनेवाले पदार्थों के प्रति बेहतर जानकारी प्राप्त करने में सक्षम हो पाए हैं। इन अनुसंधानों के अनुसार ज्यादातर एलर्जी हानिकारक नहीं होती और यह बीमारी ठीक हो सकती है।
एलर्जी कई प्रकार की होती है - डस्ट एलर्जी, फुड एलर्जी, लेटेक्स् एलर्जी, मोल्ड एलर्जी, इन्सेक्ट स्टिंग एलर्जी, पेट एलर्जी, राइनाइटिस, रिनीटीस, स्किन एलर्जी, ड्रग एलर्जी और आइ एलर्जी।
इसके सामान्य लक्षण हैं - नाक बहना, आंखों में, नाक में और गले में खुजली होना, त्वचा पर पित्त उठना और चकत्ते आना, हे फीवर (गर्मी के दिन का बुखार) और एक्झिमा। गंभीर हालत में लोगों को सांस लेने में तकलीफ होती है।
विभिन्न एलर्जी के इलाज विभिन्न स्पेश्यलिस्ट करते हैं। सायनस के इलाज के लिए कान, नाक और गले (ईएनटी) के विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। वहीं स्किन एलर्जी के लिए डर्मटोलॉजिस्ट से इलाज कराना चाहिए। आंखों की एलर्जी के लिए ऑप्थल्मोलॉजिस्ट के पास जाना चाहिए। लेकिन खासकर एलर्जी के लिए, एक सर्टिफाइड एलर्जीस्ट डॉक्टर्स की एक ऐसी टीम होनी चाहिए जो एकसाथ मिलकर काम कर सकें और अच्छा रिजल्ट दे सकें।
हां। एलर्जी की बीमारी का इलाज है। कुछ मामलों में जैसे सायनस में इंसान को जिंदगीभर दवाइयां लेनी पड़ती है ताकि उन्हें नाक बहने से अथवा रक्त के जमा होने से जो तकलीफ होती है उससे राहत मिल सके और सायनस की बीमारी वैसे भी क्रॉनिक होती है।
नहीं। ‘एलर्जी’ फैलने वाली बीमारियों में से नहीं है। लेकिन अगर किसी इंसान को एलर्जी है और आप उस इंसान के साथ ज्यादा समय बिताते हैं तथा उसी वातावरण में रह रहे हैं तो आप को भी उस तरह के एलर्जी की रिएक्शन हो सकती है। जैसे नाक बहना या आंखों की एलर्जी इत्यादि।
नहीं। एलर्जी का असर जीवनभर नहीं रहता। जैसे-जैसे इंसान की उम्र बढ़ती है, यह एलर्जी ठीक हो जाती है। जो एलर्जी हमेशा के लिए रहती है, उसका इलाज दवाइयों से करना पड़ता है और कुछ मामलों में सर्जरी भी करानी पड़ती है।
एलर्जी को रोका जा सकता है लेकिन इसके लिए ऐसे ‘ऍलरजन्स’ (एलर्जी पैदा करनेवाले तत्व) और ‘ट्रिगर्स’ को पूरी तरह से टालना चाहिए जिनकी वजह से एलर्जिक रिएक्शन्स होते हैं। उदाहरण के लिए अगर किसी को मूंगफली की एलर्जी है, तो फिर उसे मूंगफली खाना पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए। ऐसा करने से एलर्जी के रिएक्शन को टाला जा सकता है। इसी तरह अगर किसी को घर के धूल की एलर्जी है तो उसे नियमित रूप से घर के पर्दे और बेडशीट्स बदलने चाहिए और इस बात का खयाल रखना चाहिए कि घर में अच्छी तरह धूप आए और साथ ही घर हवादार भी हो।