Dehydration
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डिहाइड्रेशन क्या है?

डिहाइड्रेशन एक ऐसी कंडीशन है जिसमें शरीर में तरल पदार्थ की खासकर पानी की कमी हो जाती है। यह बीमारी अक्सर तब होती है जब इन्सान का शरीर फ्लुइड अंदर कम लेता है लेकिन ज्यादा खो देता है। और इस प्रक्रिया में शरीर को सक्रिय रखने के लिए द्रव पदार्थ (फ्लुइड) और पानी की मात्रा कम पड़ जाती है।

क्या डिहाइड्रेशन घातक है?

डिहाइडे्रशन अगर ज्यादा हुआ है तो यह गंभीर समस्या बन जाती है। बिना पानी पिए लंबे समय तक काम करने से डिहाइड्रेशन होता है। डायरिया, हायपरटेन्शन, मदिरा-सेवन तथा बीमारी जैसे हैजा, गैस्ट्रोएन्टराइटिस (आंत में या पेट में जलन) और यलो फीवर (पीत ज्वर) की वजह से भी डिहाइड्रेशन की बीमारी होती है। कुपोषण की वजह डिहाइडे्रशन की समस्या और गंभीर हो जाती है।

डिहाइड्रेशन कितने प्रकार के होते हैं?

फ्लुइड लॉस के आधार पर डिहाइड्रेशन के तीन मुख्य प्रकार हैं :-

हायपोटॉनिक :- इसमें मुख्यत: इलेक्ट्रोलाइट्स खासकर सोडियम की कमी होती है।

हायपरटॉनिक :- यह शरीर में पानी कम हो जाने पर होता है।

आइसोटॉनिक :- जब शरीर में पानी के साथ ही इलेक्ट्रोलाइट्स की भी कमी हो जाती है।

गंभीरता के आधार पर भी डिहाइड्रेशन को तीन प्रकारों में क्लासिफाई किया जाता है :-

माइल्ड :- जब शरीर के सम्पूर्ण फ्लुइड में से 2% फ्लुइड की हानि होती है, तो उसकी वजह से माइल्ड डिहाइड्रेशन होता है।

मॉडरेट :- जब 5% फ्लुइड की हानि होती है तब मॉडरेट डिहाइड्रेशन होता है।

सिवियर :- जब 10% फ्लुइड नष्ट हो जाता है तब सिवियर डिहाइड्रेशन की बीमारी होती है। अगर डिहाइड्रेशन गंभीर स्वरूप का है तो उसे एमर्जन्सी माना जाता है।

डिहाइड्रेशन के क्या कारण हैं?

ऐसे कई कारण है जिनकी वजह से इन्सान डिहाइड्रेटेड हो सकता है। इसके मुख्य कारण हैं - उल्टी होना, तेज बुखार, बार-बार और ज्यादा युरीनेशन, ज्यादा पसीना आना, और एक्सट्रीम डायरिया। इसके अन्य कारण होते हैं - नम मौसम (ह्यूमिड वेदर) में या वर्कआउट के दौरान या शारीरिक मेहनत के समय कम पानी पीना।

डिहाइड्रेशन के क्या लक्षण हैं?

माइल्ड और मॉडरेट डिहाइड्रेशन के लक्षण इस प्रकार हैं :-

*          चिपचिपा और सूखा मुंह

*          बहुत ज्यादा प्यास

*          सिरदर्द

*          चक्कर आना

*          मांसपेशियों में कमजोरी

*          रोते समय कम या बिल्कुल आंसू ना निकलना

*          थकावट या ज्यादा नींद आना (आमतौर पर इन्सान रोज के मुकाबले कम एक्टिव रहता है)

सिवियर डिहाइड्रेशन के लक्षण इस प्रकार हैं :-

*          अत्यधिक प्यास

*          पसीना कम आना

*          धंसी हुई आंखें

*          बहुत सूखा हुआ मुंह

*          चिड़चिड़ापन

*          कन्फ्यूजन

*          लो ब्लड प्रेशर

*          हार्ट बीट तेज होना

*          तेज बुखार

*          बच्चों और शिशुओं को अत्यधिक घबराहट महसूस होना और नींद आना।

*          गंभीर परिस्थिति में डिहाइड्रेशन की वजह से मरीज बेहोश हो जाता है।

डिहाइड्रेशन के लिए मुझे किसे कन्सल्ट करना चाहिए?

डिहाइड्रेशन के लिए जनरल फिजिशियन को कन्सल्ट करना चाहिए।

इन्सान खुद को डिहाइड्रेट होने से कैसे बचाए?

सबसे आसान और सिम्पल तरीका है थोड़ी-थोड़ी देर बाद पानी पिएं। नम वातावरण में लंग्स और पसीने के जरिए शरीर के फ्लुइड कम हो जाते हैं। ऐसे में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए रिहाइड्रेशन ड्रिंक्स पीने चाहिए। कैफीन और एरिएटेड ड्रिंक्स को टालना चाहिए क्योंकि उसकी वजह से इन्सान का युरिन आटउपुट बढ़ता है और उस वजह से इन्सान के शरीर में पानी की कमी हो जाती है। शराब से भी दूर रहना चाहिए क्योंकि इससे डिहाइड्रेशन की मात्रा बढ़ती है। अगर आप बाहर काम कर रहे हैं तो आपको ज्यादा पानी पीना चाहिए। ‘ओरल डिहाइड्रेशन सल्यूशन’ लेना यह भी हायड्रेटेड रहने का इलाज है। शरीर में पानी की मात्रा बढ़ाने के लिए वॉटरमेलन खाने से और नींबूपानी पीने से शरीर में पानी का लेवल बढ़ता है। अगर बहुत ज्यादा शारीरिक श्रम कर रहे हैं तो पानी अधिक मात्रा में पीना चाहिए क्योंकि यह शरीर के सिस्टम को स्वच्छ करता है और टॉक्सिन्स बाहर फेंकता है। यह जॉइन्ट्स को चिकना (ल्यूब्रिकेट्स) बनाता है और डायजेस्टिव सिस्टम को भी सहायता करता है।

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