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इरिटेबल बाउल सिन्ड्रोम में आंतों (इंटेस्टाइन) के डिसऑर्डर शामिल हैं जिसके कारण बाउल मूवमेन्ट्स में बाधा आती है। आंतें (इन्टेस्टिन) पेट के साथ-साथ डायजेस्टिव सिस्टम का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस सिस्टम में बाधा आने से बाउल मूवमेन्ट्स अनियमित हो जाता है और उससे संबंधित समस्याएं खड़ी हो जाती हैं। बहुत सारे लोग इस समस्या से ग्रसित हैं, खासकर महिलाएं इससे ज्यादा पीड़ित रहती हैं।
इरिटेबल बाउल सिंड्रोम के कारणों में शामिल हैं- कुछ खास तरह के खाद्य-पदार्थ, तनाव, हार्मोन्स, चिंता और कुछ खास दवाइयां। डायजेशन एक महत्वपूर्ण प्रोसेस है जो शरीर के विभिन्न अंगों द्वारा पर्फार्म की जाती है और उसके लिए इन्सान के ब्रेन और डायजेस्टिव सिस्टम के भागों में को-ऑर्डिनेशन होना जरूरी होता है। इस पैटर्न में कोई भी चेंज आता है तो उसके कारण इरिटेबल बाउल सिन्ड्रोम होता है।
आंतें अधिक संवेदनशील हो जाने के कारण भी यह बीमारी होती है। अलग-अलग लोगों में इसके अलग-अलग कारण होते हैं।
इरिटेबल बाउल सिन्ड्रोम के लक्षण हैं :-
* पेट में दर्द और ब्लोटिंग
* कॉन्स्टिपेशन या डायरिया
* स्टूल्स में म्यूकस मौजूद होना
* बार-बार शौच के लिए जाने की इच्छा होना
डॉक्टर इस बीमारी को उसके मौजूद लक्षणों को देखकर उसे डाइग्नॉज करते हैं। कभी-कभी डॉक्टर कुछ ब्लड टेस्ट और स्टूल टेस्ट कराने का सुझाव भी देते हैं ताकि कोई दूसरी अन्दरूनी बीमारी हो तो उसका भी पता चल सके।
अगर गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं तो गैस्ट्रोएन्ट्रोलॉजिस्ट की सलाह लेनी चाहिए।
इसका कोई पर्मनन्ट इलाज नहीं है। लेकिन जिन रिस्क फैक्टर्स और ट्रिगर की वजह से यह बीमारी होती है, उनको दूर रखने से इनके लक्षणों को काफी हद तक मैनेज किया जा सकता है। जैसे ही इस बीमारी का कारण निश्चित रूप से पता चलता है, मरीज का इलाज करना आसान हो जाता है।
यह एक लम्बे समय तक चलने वाली बीमारी है और इसलिए इनके ट्रिगर्स को अवॉइड करने से इनके लक्षणों को नियंत्रण में रखने में मदद मिलती है।
इरिटेबल बाउल सिन्ड्रोम की वजह से दो बीमारियां होती है, या तो कॉन्स्टिपेशन या डायरिया।
एक अच्छा बैलेन्स डाइट, जिसमें भरपूर फायबर शामिल हो, और नियमित एक्सरसाइज से कॉन्स्टिपेशन को रोका जा सकता है।
डायरिया के केस में ट्रिगर्स, स्ट्रेस और चिंता को टालने से इन लक्षणों को मैनेज करने में मदद मिलती है।
कहने का मतलब यह कि संतुलित और स्वास्थ्यवर्धक भोजन करने तथा अपनी लाइफस्टाइल में सुधार लाने, जिसमें धूम्रपान का सर्वथा त्याग हो; से हमें स्वस्थ जीवन जीने में सहायता मिलती है।