इस संसार में ‘जो’ हर घटनेवाली अच्छी-बुरी घटना से सीखने की कला जानता है, व पूरे सब्र के साथ घटनेवाली घटना के अंतिम परिणाम का इन्तजार कर सकता है; ‘वह’ जल्द ही जान जाता है कि यहां बुरा कुछ हो ही नहीं सकता।
-दीप त्रिवेदी