जीसस हो या बुद्ध - कृष्ण हो या सुकरात, दुनिया का कोई व्यक्ति ऐसा नहीं जिसका जीवन व सोच पकड़ी न जा सके। क्योंकि अंत में तो वे भी हमारे संभावित ‘‘श्रेष्ठ-स्वरूप’’ से ज्यादा कुछ नहीं।
-दीप त्रिवेदी