दुनिया के हर मॉं-बाप को चाहिए कि वह अपने बच्चों को समझाने, डांटने, शिक्षा देने या कोई राय देने से पहले अपने जीवन में झांक ले कि क्या वो वाकई जीवन में सफल हैं? कहीं ऐसा तो नहीं कि बच्चा उनकी उंगली पकड़े बगैर स्वयं के निर्णयों व स्वतंत्रता के दम पर ही उनसे आगे निकलने की संभावना रखता हो।
-दीप त्रिवेदी