जीवन में आत्मा बेचकर कुछ भी पाने से महंगा सौदा और कुछ नहीं हो सकता है।
-दीप त्रिवेदी
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जीवन में आत्मा बेचकर कुछ भी पाने से महंगा सौदा और कुछ नहीं हो सकता है।
-दीप त्रिवेदी
हमारे भीतर की आत्मा ही इस जगत की सबसे ज्यादा शक्तिशाली शक्ति है। यह आत्मा ही परमात्मा है। यह सब सुनने-समझने के बावजूद हम मंदिर-मस्जिदों में जाते हैं...तो यह सिवाय स्वयं की आत्मा पर अश्रद्धा के और क्या दर्शाता है?
-दीप त्रिवेदी