जितनी गलती ‘मूर्ख’ बनाने वाले की होती है, उससे कम गलती मूर्ख बनने वाले की नहीं होती। फर्क सिर्फ इतना है कि एक को सजा कानून देता है...जबकि दूसरा सजा स्वतः ही पा लेता है।
-दीप त्रिवेदी