किसी की मदद करने के बाद आपने धन्यवाद की आशा रखी, तो बेकार। उसके धन्यवाद देने से आपको अच्छा लगा तो भी सब व्यर्थ। फिर तो समझ लेना कि आपने अहंकार पोसने हेतु ही उसकी मदद की थी।
-दीप त्रिवेदी