‘‘कर्मवाद’’ व ‘‘भाग्यवाद’’ दो समानांतर लकीरें हैं...जो न मिली हैं - ना कभी मिल सकती हैं।
-दीप त्रिवेदी
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‘‘कर्मवाद’’ व ‘‘भाग्यवाद’’ दो समानांतर लकीरें हैं...जो न मिली हैं - ना कभी मिल सकती हैं।
-दीप त्रिवेदी
अब वक्त आ गया है जब विश्वभर के सारे खुले विचारों वाले बुद्धिमान मुस्लिम अपना एक तगड़ा Association बना लें। यदि वे ही हिम्मत नहीं दिखाते, उन्हें ही अपने भाई-बंधुओं की नहीं पड़ी...तो दूसरा कब तक उनके पीछे प्रयास करेगा?
-दीप त्रिवेदी
आप कितनी गहराइयों से जी रहे हैं इसका अंदाजा इस बात से लग जाता है कि आप किसी भी समस्या से निपटने हेतु कितना स्वयं के मन की शक्तियों पर निर्भर हैं, व कितना बाहरी ज्ञान व परिस्थिति पर।
-दीप त्रिवेदी
सफल मनुष्य-जीवन जीने के लिए मनुष्य के स्वभाव में...एक कलाकार हृदय, वैज्ञानिक दृष्टि, व्यावसायिक बुद्धि, आत्मनिर्भरता का गुमान, आनंद लेने की कला, जीवन संबंधित सारे शौक व अंतःमस्ती; इन सातों स्वभाव का यथायोग्य मिश्रण होना आवश्यक है।
-दीप त्रिवेदी
जो कर्म आपको सुख देता है, जो करने को मन भी मचलता है...वह ‘पाप’ कैसे हो सकता है? मृत्यु पश्चात् तो यूं भी आप कुछ नहीं कर पाने वाले।
-दीप त्रिवेदी
मनुष्य के प्रेम का कोई जोड़ नहीं। उम्रदराज हुआ बुजुर्ग जब एकान्त में होता है, तब उसको कोई नहीं पूछता। पर उसके बीमार होते ही पचासों अस्पताल पहुंच जाते हैं व मरने पर पांच-सौ एकत्रित हो जाते हैं।
-दीप त्रिवेदी
मनुष्य की Intelligence की Highest ऊंचाई ‘‘मन का विज्ञान’’ समझना है। उससे थोड़ा नीचे की Intelligence "Time & Space" के सिद्धांत व उसके प्रभाव समझने में है। आश्चर्य यह कि यह दो न जानने वाले भी अपने को बुद्धिमान मानते हैं।
-दीप त्रिवेदी
जागृत व्यक्ति के लक्षण क्या हैं? एक तो वह सिर्फ अपनी मरजी से जाता और आता है। दूसरा बाहर की दुनिया के कोई कारण उसे प्रभावित नहीं करते। और तीसरा, वह जो कार्य करने की ठान लेता है, उसे पूरा करके ही दम लेता है।
-दीप त्रिवेदी
ब्रह्मांड में हर वस्तु का अपना एक स्वभाव है। प्रकृति की किसी भी वस्तु को अपने स्वभाव के बारे में कोई कन्फ्यूजन कभी नहीं होता है। यह मनुष्य ही एक ऐसा बुद्धिमान है जिसे अपने स्वयं के स्वभाव के बारे में कुछ पता नहीं।
-दीप त्रिवेदी
यहां जीवन में बगैर दिशा पकड़े व बिना मंजिल की सोचे मन की मस्ती से चलते राही ‘‘सफलता’’ के कई बड़े मुकाम स्वतः ही सर कर लेते हैं।
-दीप त्रिवेदी