मनुष्य जन्म लिया है तो मन के हजारों शौक पालना व पूरे करना अच्छी बात है। यह आपके मन का विकास ही करेगा। परंतु चैतन्य के स्तर पर ‘ध्येय’ बड़ा व एक ही रखना। बुद्ध, जीसस, एडीसन, बिल गेट्स, शेक्सपीयर...सब चैतन्य के स्तर पर ‘एक-लक्षी’ होने के परिणाम हैं।
-दीप त्रिवेदी