समय बलवान है व समय के लाखों स्वरूप हैं। समय के हर स्वरूप को समझने व पहचानने वाला ही सुख व समृद्धि से भरा जीवन जी सकता है।
-दीप त्रिवेदी
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समय बलवान है व समय के लाखों स्वरूप हैं। समय के हर स्वरूप को समझने व पहचानने वाला ही सुख व समृद्धि से भरा जीवन जी सकता है।
-दीप त्रिवेदी
जन्म एक क्षण है। मृत्यु भी एक क्षण है। इन दोनों के बीच के क्षणों के जोड़ को ही हम जीवन कहते हैं। इस लिहाज से समय वाकई मूल्यवान है। हम अपना समय कहां व किन बातों में गंवा रहे हैं... यह गौर करते ही हमारी सारी समस्याओं का अंत आ सकता है।
-दीप त्रिवेदी
समय के साथ चलने पर ही मनुष्य अपने जीवन की श्रेष्ठ ऊंचाइयां पा सकता है। इस समय के परदे पर कई चीजें पूरी तरह अनावश्यक हैं। उसमें दो प्रमुख हैं; एक पूजा-पाठ व दूसरा अनावश्यक ज्ञान। इन दो के कारण हम समय से बिछड़ जाते हैं व उसके परिणाम हमारी आंखों के सामने है।
-दीप त्रिवेदी
हमने बैलगाड़ियों से हवाईजहाज तक की प्रगति कर समय तो बचा लिया, पर इस समय का उपयोग क्या व कैसे करना यह सीखना रह गया। संसार में बढ़ते Frustration का यही एक कारण है।
-दीप त्रिवेदी
यदि आपको ‘‘समय’’ काटने के रास्ते खोजने पड़ रहे हैं, तो समझ लेना आपका जीवन गलत दिशा में बढ़ रहा है। यदि आपको अपने कार्यों हेतु समय की कमी का एहसास हो रहा है तो ही यकीन जानना कि आपके कदम सही दिशा की ओर बढ़े जा रहे हैं।
-दीप त्रिवेदी
जो व्यक्ति ‘समय’ को पहचानकर उसके अनुरूप बरतता है...उसका ‘समय’ जल्द ही बदल जाता है।
-दीप त्रिवेदी
समय सिर्फ घाव देता है ऐसा नहीं है। समय बड़े-से-बड़े घाव भर भी देता है। सबूत के तौर पर कितना ही बड़ा सदमा क्यों न हो...समय के साथ मनुष्य सम्भल ही जाता है।
-दीप त्रिवेदी
‘‘वक्त’’ वह धार है जो ‘‘कृष्ण’’ जैसे सर्वश्रेष्ठ व्यक्तित्व को भी मौत की नींद सुला देता है। लेकिन उनका जीया जीवन व उनकी कही भगवद्गीता उन्हें अमर बना देती है। मरना आपको भी है, फिर कुछ ऐसा कर के क्यों नहीं मरते कि मर के भी न मरो।
-दीप त्रिवेदी