कोटेशन्स
स्वीकार

प्रकृति में कोई Complex नहीं, हीरा और पत्थर हमने भिन्न-भिन्न जाने हैं। जिस दिन आप जैसे हैं उसे बदलने की जगह स्वीकारने में लग जाएंगे, आपका भी Complex जाता रहेगा। ...वादा करता हूँ उस दिन से आपकी प्रकृति से Tuning बैठना चालू हो जाएगी।

-दीप त्रिवेदी

जो और जैसा सामने है...उसे स्वीकारने के अलावा मनुष्य के पास कोई उपाय नहीं। जितनी जल्दी आप स्वीकारके आगे के कार्यों में लग जाते हैं, उतनी ही आप प्रगति करते हैं।

-दीप त्रिवेदी

चाहे जितना ही बुरा आपके साथ घट गया हो पर उसे स्वीकारने के अलावा आपके पास उपाय ही क्या है? ...कुछ अन्य उपाय हो तो मुझे भी बताना।

-दीप त्रिवेदी

ईश्वर पर भरोसा करने वाला मैं उसे मानता हूँ जो चाहे जो घट जाए... उसे ईश्वर की मरजी मानकर उसी क्षण हंसते-हंसते स्वीकारने की क्षमता रखता हो।

-दीप त्रिवेदी

विकट परिस्थितियों से जूझने का एक ही सिद्धांत है। ...जो कर सकते हैं - हाथोंहाथ करें, उपाय खत्म होते ही इन्तजार करें...और इन्तजार के बाद भी कोई नया उपाय न सूझे तो उसे स्वीकार कर आगे की सोचें।

-दीप त्रिवेदी

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