प्रकृति में कोई Complex नहीं, हीरा और पत्थर हमने भिन्न-भिन्न जाने हैं। जिस दिन आप जैसे हैं उसे बदलने की जगह स्वीकारने में लग जाएंगे, आपका भी Complex जाता रहेगा। ...वादा करता हूँ उस दिन से आपकी प्रकृति से Tuning बैठना चालू हो जाएगी।
-दीप त्रिवेदी