आज के समय में मनुष्य के जीवन को बदल के रख देने वाले ‘‘ज्ञान’’ के सिवाय ‘‘चैरिटी’’ ना तो स्वीकार्य है - ना ही व्यावहारिक। ...यानी सिर्फ ऐसा ज्ञान जो मनुष्य को सफलता की सी़ढियां चढ़ना सिखा दे।
-दीप त्रिवेदी