जीवन में कुछ भी हासिल सिर्फ कार्य करने से किया जा सकता है। ‘‘कार्य’’ बुद्धिमत्तापूर्वक किये कर्म का नाम है। कर्म करने में सक्षम व्यक्ति कभी भाग्य भरोसे नहीं बैठता, क्योंकि वह भाग्य पर विश्वास कर ही नहीं सकता।
-दीप त्रिवेदी