यहां पर बदलती परिस्थितियों के गणित को समझने वाला वर्तमान में संतुष्ट होकर जीता है। हां, उसकी निगाह बदलती परिस्थितियों पर अवश्य बनी रहती है। ...फलस्वरूप जिस क्षण उसे कुछ भी Ready Platter पर मिलता नजर आता है, वह उस तक को तत्क्षण भुना लेता है।
-दीप त्रिवेदी