ध्यान कोई अलग से लगाने या जंगल में जाकर पाने की वस्तु नहीं, हर छोटे-से-छोटा कार्य ध्यान से करने की आदत से ध्यान अपनेआप स्वतः ही बढ़ता चला जाता है।
-दीप त्रिवेदी
Copyright © 2012. ---
ध्यान कोई अलग से लगाने या जंगल में जाकर पाने की वस्तु नहीं, हर छोटे-से-छोटा कार्य ध्यान से करने की आदत से ध्यान अपनेआप स्वतः ही बढ़ता चला जाता है।
-दीप त्रिवेदी