क्षणिक-चेतना मनुष्य के मन की वह ऊंचाई है जहां से प्रगति के सारे शिखर तय किये जाते हैं। इसीलिये ज्यादा सोचने वाला जीवन में कभी सफल नहीं हो पाता।
-दीप त्रिवेदी
Copyright © 2012. ---
क्षणिक-चेतना मनुष्य के मन की वह ऊंचाई है जहां से प्रगति के सारे शिखर तय किये जाते हैं। इसीलिये ज्यादा सोचने वाला जीवन में कभी सफल नहीं हो पाता।
-दीप त्रिवेदी
आप अपने को Conscious Mind से जानते हैं, जबकि आपकी बुराइयों की सारी जड़ें आपके Subconsciousव Unconscious Mind में छिपी पड़ी हैं। अतः Subconscious d Unconscious Mind को जाने बगैर आप जीवन में सफलता की ओर एक कदम नहीं बढ़ा सकते।
-दीप त्रिवेदी
इतिहास में ऐसा कोई मनुष्य ज्ञात नहीं जिसके जाने के बाद मनुष्य की प्रगति रुक गयी हो। यानी हमारी चेतना का रोज-रोज विकास हो रहा है। फिर क्यों हम आज भी हजारों वर्ष पूर्व पैदा हुए मनुष्यों के आसरे जी रहे हैं?
-दीप त्रिवेदी
न शिक्षा, न समाज, न तथाकथित धर्म हमें यह समझा रहे कि जीवन में सरलता, निर्दोषता, स्वार्थहीनता, भोलापन व करुणा इत्यादि का क्या महत्व है। जबकि हकीकत यह है कि संसार की सभी सर्वश्रेष्ठ रचनाएं, सारे आविष्कार व सारी कलाएं ऐसे ‘‘मन’’ वाले व्यक्तियों के जहन से ही निकली है।
-दीप त्रिवेदी