जन्म असत्य है। मृत्यु भी असत्य है। सत्य तो जीवन के इन दो विरोधाभासी छोरों को मिलाने वाला तत्व है। जिस रोज आप उसे पहचान लेंगे उस दिन के बाद आप जब, जो और जितना चाहेंगे...मिलेगा।
-दीप त्रिवेदी