कोटेशन्स
Top Views

अच्छा बनने या अच्छा सीखने की आवश्यकता किसी को महसूस नहीं होती, परंतु अच्छा दिखने में कोई रत्तीभर कसर नहीं छोड़ता।

-दीप त्रिवेदी

चूंकि हम ताकतवर के सामने क्रोध दबाते हैं, इसीलिए कमजोरों पर मौके-बे मौके क्रोध निकालते रहते हैं।

-दीप त्रिवेदी

प्रकृति में ऊर्जा के दो ही केन्द्र बिन्दु हैं, एक ‘क्रोध’ व दूसरा ‘प्रेम’। परंतु दुर्भाग्य से Science... Psychology की दृष्टि से देखना जानता ही नहीं। यहां ऊर्जा उत्पन्न या तो दो वस्तुओं के घर्षण यानी ‘क्रोध’ से होती है, या यह ऊर्जा उत्पन्न दो वस्तुओं के मिलन यानी ‘प्रेम’ से होती है।

-दीप त्रिवेदी

The concept of "God" भय के कारण अस्तित्व में आया है। ‘भय’ असुरक्षा व चाह से पैदा हुआ है। ...मजा यह कि इन दोनों की मृत्यु के बाद कोई जरूरत नहीं।

-दीप त्रिवेदी

हर कोई अपनी जाति व धर्म पर गुमान किये फिरता है। मेहरबानी कर एकबार स्वयं को व अपने आसपास वालों को ध्यान से देख लेना - गुमान स्वतः छू हो जाएगा। और तब कहीं जाकर आप विश्व को अपनाकर उन्नति के रास्ते पर लग सकेंगे।

-दीप त्रिवेदी

जीवन को गौर से देखने पर पाओगे कि यहां के हर सुख के साथ दुःख... व हर दुःख के साथ सुख जुड़ा ही हुआ है। अतः जो कुछ भी घट रहा है उसमें अपनी निगाह सिर्फ सुख पर बनाये रखने से ही आप सदैव सुखी हो सकते हैं।

-दीप त्रिवेदी

जागृत व्यक्ति के लक्षण क्या हैं? एक तो वह सिर्फ अपनी मरजी से जाता और आता है। दूसरा बाहर की दुनिया के कोई कारण उसे प्रभावित नहीं करते। और तीसरा, वह जो कार्य करने की ठान लेता है, उसे पूरा करके ही दम लेता है।

-दीप त्रिवेदी

मनुष्य जीवन हो या ब्रह्मांड, यहां सब कुछ नियम से घटता है। ...यानी प्रकृति के नियम एक ऐसा Formula है कि उसको समझने के बाद कुछ करने की आवश्यकता ही नहीं रह जाती। जो चाहो Formula अपना लो व पा लो।

-दीप त्रिवेदी

आप अस्तित्व का एक हिस्सा हैं, आपके जीवन की परेशानी यह है कि आप स्वार्थवश अपनी एक अलग दुनिया बनाने में लगे हुए हैं।

-दीप त्रिवेदी

‘‘कर्मवाद’’ व ‘‘भाग्यवाद’’ दो समानांतर लकीरें हैं...जो न मिली हैं - ना कभी मिल सकती हैं।

-दीप त्रिवेदी

Proudly owned by Aatman Innovations Pvt. Ltd. Mumbai, India.   |   प्रायवेसी पॉलिसी   |   डिस्कलेमर   |   साइट मैप   |   Best View - (1280x720) Latest Browsers
Feedback/Testimonials
* इस वेबसाइट के किसी भी विवरण का किसी भी रूप में अंशतः या पूर्णतः निजी हित में उपयोग करते पाए जाने वाले व्यक्ति/कंपनी/संस्था के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।