यदि तीर्थ-स्थानों की यात्राएं व जात्राएं इतनी ही शुभ होती तो क्यों उस पर जाने वाले हजारों-लाखों लोग हर वर्ष हादसे का शिकार होते हैं? कहीं मनुष्य जन्म के बावजूद उसे परेशान किये जाने पर भगवान अपना क्रोध तो उन पर नहीं निकाल रहे?
-दीप त्रिवेदी