यदि वाकई गंगा में डुबकी लगाते ही ‘पाप’ धुल जाते हैं, तो फिर बेचारे Criminals को क्यों जेलों में ठूंसा जा रहा है। गंगा में डुबकी लगवाकर उनके भी ‘पाप’ क्यों नहीं धो दिये जाते हैं?
-दीप त्रिवेदी