कोटेशन्स
Top Views

आज पूरी मनुष्यजाति सिर्फ धन के आसरे व सहारे जी रही है। अब तो धन की इस अंधी दौड़ से धर्म, राजनीति व सामाजिक संस्थाएं भी पूरी तरह ओत-प्रोत हैं। ऐसे में आम-मनुष्य के पास धन बचे भी तो कैसे?

-दीप त्रिवेदी

जैसे ही हवाईजहाज का आविष्कार हुआ कि कहने वाले आ गये कि यह हमारे ‘राम’ के पास तो पहले से था। सवाल यह कि इन बातों से हासिल क्या हो रहा? घूमना तो आज भी हमें ‘राईट-ब्रदर्स’ के ईजाद किये हवाईजहाजों में ही पड़ रहा है।

-दीप त्रिवेदी

इस संसार की सर्वोच्च सत्ता ‘‘प्रकृति के नियम’’ है। कृष्ण, क्राईस्ट व बुद्ध भी वे ही हैं जो उसकी शरणागति स्वीकार कर अपना जाती अस्तित्व यानी ‘‘अहंकार’’ मिटा चुके हैं।

-दीप त्रिवेदी

भारत में प्रतिभावान व्यक्तियों की कोई कमी नहीं। दिक्कत यह है कि Indian Government को International Level पर 'Personality-Promotion' करना आता ही नहीं।

-दीप त्रिवेदी

कृष्ण की पूजा करने से भगवद्गीता समझना बुद्धिमत्ता है।

-दीप त्रिवेदी

जितना ज्ञान हमारे मन की गहराइयों में छिपा पड़ा है... उससे रत्तीभर ज्यादा ज्ञान बाहर के जगत में नहीं। हां, जानकारियों की Update अवश्य हमें बाहर के जगत से लेनी पड़ती है। ...यहां ‘ज्ञान’ व ‘जानकारी’ का फर्क समझने लायक है।

-दीप त्रिवेदी

चाहे आपका उससे रिश्ता कुछ भी क्यों न हो, बने वहां तक किसी के जाती जीवन में दखल न दें। क्योंकि अभी आपको स्वयं अच्छे-बुरे की पहचान कहां? जब तक आत्मिक सुख-दुःख व अहंकार के सुख-दुःख का आपको भेद नहीं मालूम, दूसरों के जीवन से दूर ही रहें तो अच्छा है।

-दीप त्रिवेदी

इस संसार में प्रेम का रिश्ता सिर्फ दो पूर्णतः आत्मनिर्भर व्यक्तियों के बीच ही शक्य है। सवाल यह कि दो ऐसे व्यक्ति साथ रहेंगे ही क्यों?

-दीप त्रिवेदी

असफल मनुष्य धर्म के पाखंड को अपनाता है। यह पाखंड झूठी आशाएं पैदा करता है। झूठी आशाएं खोटे कर्म करवाती हैं। गलत कर्म से ज्यादा दुःख उत्पन्न होता है। ज्यादा दुःख के कारण मनुष्य ज्यादा धर्म के पाखंड अपनाने लगता है। मनुष्य की इतनी असफलता सिर्फ इस कुचक्र में फंसे होने को आभारी है।

-दीप त्रिवेदी

ना तो धर्म के नाम पर जागीर बनाने वाले और ना ही धर्म के नाम पर जागीर छोड़ने वाले ‘मोह-रहित’ कहे जा सकते हैं।

-दीप त्रिवेदी

Proudly owned by Aatman Innovations Pvt. Ltd. Mumbai, India.   |   प्रायवेसी पॉलिसी   |   डिस्कलेमर   |   साइट मैप   |   Best View - (1280x720) Latest Browsers
Feedback/Testimonials
* इस वेबसाइट के किसी भी विवरण का किसी भी रूप में अंशतः या पूर्णतः निजी हित में उपयोग करते पाए जाने वाले व्यक्ति/कंपनी/संस्था के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।