यदि सर पे टीका लगाने, हाथ में धागा पहनने या पांच वक्त की नमाज पढ़ने या मंदिर, मस्जिद, चर्च हो आने से विश्व की सबसे बड़ी ऊंचाई ‘‘धर्म’’ हासिल हो जाती हो, तो-तो धर्म से सस्ता कुछ नहीं।
-दीप त्रिवेदी