कोटेशन्स
बुद्धिमत्ता

सारे श्रेष्ठ Management फिर चाहे वह प्रकृति के हों, मन के व शरीर के हों, या व्यवसाय के हों; "Automation Mode" पर ही परिणामकारी होते हैं। प्रकृति पर तो हमारा बस नहीं चलता, पर बाकी सब जगह तो हम अपनी दखलंदाजी के कारण ही भुगत रहे हैं।

-दीप त्रिवेदी

आपके पास अपना धर्म है व अपने ईश्वर हैं। आपका अपना एक देश व समाज है। आप शिक्षित भी हैं व मन में हजारों महत्वाकांक्षा लिये जी भी रहे हैं। परिवार व मित्रों के नाम पर आपके अपने हजारों हितैषी भी हैं। समझ नहीं आता फिर जीवन में इतनी असफलता व दुःख क्यों है? कहीं आप कुदरत के परम नियम अकेले आने व अकेले जाने को तोड़ने का अन्जाम तो नहीं भोग रहे?

-दीप त्रिवेदी

हमारे सारे दुःखों की जड़ में हमारा परिस्थिति के लिये मानसिक तौर पर तैयार न होना है। समझ नहीं आता कि जो दूसरों के साथ घटता है वह आपके साथ भी घट ही सकता है, यह आप मानकर ही क्यों नहीं चलते?

-दीप त्रिवेदी

जैसे शारीरिक बीमारियां होने पर कड़वी दवाइयां पिलायी जाती है, वैसे ही मानसिक बीमारी होने पर कड़ा व्यवहार भी करना ही पड़ता है। यही कारण है कि सिर्फ मीठा व अच्छा बोलनेवाले हमारे जीवन के लिये बड़े घातक सिद्ध होते हैं।

-दीप त्रिवेदी

शक्तिशाली व सकारात्मक विचार वालों से मिलो तो आप तत्काल ऊर्जा से भर जाते हैं। नकारात्मक विचार के व्यक्ति से मिलते ही हमारी शक्ति क्षीण हो जाती है। ...सोचो, जो खुद नकारात्मक हो, उसका क्या हाल होता होगा?

-दीप त्रिवेदी

प्रकृति व प्राकृतिक वस्तुओं से छेड़छाड़ हमेशा महंगी पड़ती है। हम भी अपने स्वभाव में की जाने वाली छेड़छाड़ का ही भुगत रहे हैं।

-दीप त्रिवेदी

चाहे आपका उससे रिश्ता कुछ भी क्यों न हो, बने वहां तक किसी के जाती जीवन में दखल न दें। क्योंकि अभी आपको स्वयं अच्छे-बुरे की पहचान कहां? जब तक आत्मिक सुख-दुःख व अहंकार के सुख-दुःख का आपको भेद नहीं मालूम, दूसरों के जीवन से दूर ही रहें तो अच्छा है।

-दीप त्रिवेदी

आप प्रेम हो या व्यवसाय, दान हो या क्रोध, सबकुछ आधे-अधूरे मन से ही करते हैं। ऐसे में आप निर्णायक परिणाम की अपेक्षा ही कैसे रख सकते हैं?

-दीप त्रिवेदी

कभी आपने सोचा कि मान और अपमान में फर्क ही क्या है? मान वह जो दूसरा आपको देता है व अपमान वह जिससे दूसरा कुछ आप में से छीनने की कोशिश करता है। इस तरह दोनों कर्मों का ‘कर्ता’ तो दूसरा ही है... उससे आपका क्या?

-दीप त्रिवेदी

आप मेरा विश्वास करें कि ‘आप’ अपने समेत सबके जीवन के उतार-चढ़ावों को सिर्फ देखने वाले हैं। आपकी दिक्कत यह है कि आप अपने को करने वाला मानते हैं।

-दीप त्रिवेदी

Proudly owned by Aatman Innovations Pvt. Ltd. Mumbai, India.   |   प्रायवेसी पॉलिसी   |   डिस्कलेमर   |   साइट मैप   |   Best View - (1280x720) Latest Browsers
Feedback/Testimonials
* इस वेबसाइट के किसी भी विवरण का किसी भी रूप में अंशतः या पूर्णतः निजी हित में उपयोग करते पाए जाने वाले व्यक्ति/कंपनी/संस्था के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।