प्रकृति में कोई Complex नहीं, हीरा और पत्थर हमने भिन्न-भिन्न जाने हैं। जिस दिन आप जैसे हैं उसे बदलने की जगह स्वीकारने में लग जाएंगे, आपका भी Complex जाता रहेगा। ...वादा करता हूँ उस दिन से आपकी प्रकृति से Tuning बैठना चालू हो जाएगी।
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प्रकृति में कोई Complex नहीं, हीरा और पत्थर हमने भिन्न-भिन्न जाने हैं। जिस दिन आप जैसे हैं उसे बदलने की जगह स्वीकारने में लग जाएंगे, आपका भी Complex जाता रहेगा। ...वादा करता हूँ उस दिन से आपकी प्रकृति से Tuning बैठना चालू हो जाएगी।
स्वयं पर विश्वास करने से आत्मविश्वास बढ़ता है। दूसरों के भरोसे जीने से फिर चाहे वह भगवान ही क्यों न हो, आत्मविश्वास घटता है। और जीवन सफल आत्मविश्वास से भरपूर लोगों का ही होता है।
क्या विज्ञान कभी जीवन पैदा कर पाएगा? नहीं, सवाल ही नहीं उठता। क्योंकि पैदा या नष्ट करने की सत्ता यहां किसी के पास नहीं।
क्या विज्ञान कभी जीवन पैदा कर पाएगा? नहीं, सवाल ही नहीं उठता। क्योंकि पैदा या नष्ट करने की सत्ता यहां किसी के पास नहीं।
जीवन में कुछ भी सिर्फ पाया नहीं जा सकता है। यहां हर पाने के लिये कुछ-न-कुछ खोना ही पड़ता है। अतः जिन्हें बात-बात पर खोने का डर सताता है...वे कभी कुछ बड़ा नहीं पा सकते।
जो सब जगह सबको समान रूप से प्रभावित करता है वही अल्लाह की नेमत है। जैसे सूरज, चांद, हवा, पानी व मनुष्य का जीवन। ऐसे में अलग-अलग धर्मों के अलग-अलग शास्त्र होना व अपनी भिन्न-भिन्न मान्यताएं होना कैसे धार्मिक हो सकता है?
जीवन अपने व दूसरों के उद्धार हेतु पुरजोर ‘‘कर्म’’ करने व जब मौका मिले...दिल खोलकर आनंद लेने का दूसरा नाम है। जीवन का और कोई मकसद होता ही नहीं है।
धर्म क्या है? मन व जीवन का विज्ञान। बुद्ध, कृष्ण, जीसस क्या हैं? हमारे मन व जीवन के Doctor।
आप अपने को Conscious Mind से जानते हैं, जबकि आपकी बुराइयों की सारी जड़ें आपके Subconsciousव Unconscious Mind में छिपी पड़ी हैं। अतः Subconscious d Unconscious Mind को जाने बगैर आप जीवन में सफलता की ओर एक कदम नहीं बढ़ा सकते।
जीवन में बड़ी मंजिलें तय करने व फिर बुद्धिपूर्वक वहां पहुंचने का मार्ग खोजने वाले...अक्सर अपनी प्रतिभा के हजारवें भाग का कार्य करते-करते मर जाते हैं।