Complex की जड़ तुलनात्मक शिक्षाओं के कारण मजबूत होती है । दो वस्तुओं या मनुष्यों की तुलना करने से ज्यादा मूर्खतापूर्ण कार्य इस संसार में दूसरा कोई नहीं।
Copyright © 2012. ---
Complex की जड़ तुलनात्मक शिक्षाओं के कारण मजबूत होती है । दो वस्तुओं या मनुष्यों की तुलना करने से ज्यादा मूर्खतापूर्ण कार्य इस संसार में दूसरा कोई नहीं।
जीवन में सफलता-असफलता का फैसला हमारे निर्णयों पर आधारित है। और अच्छे निर्णय के लिए आनंद और शांति की मनोदशा आवश्यक है। इस लिहाज से जीवन में सबसे महत्त्वपूर्ण शिक्षा वह है जो हमें आनंद और शांति कैसे पाना...यह सिखाए।
आप कैसे हैं, यह इतना महत्वपूर्ण नहीं जितना कि ‘‘आप जैसे हैं वैसे दिखते हैं या नहीं।’’
आप कैसे हैं, यह इतना महत्वपूर्ण नहीं जितना कि ‘‘आप जैसे हैं वैसे दिखते हैं या नहीं।’’
आप कैसे हैं, यह इतना महत्वपूर्ण नहीं जितना कि ‘‘आप जैसे हैं वैसे दिखते हैं या नहीं।’’
पूरी दुनिया नास्तिकों से भरी पड़ी है। इसका सबूत यह कि कोई भी व्यक्ति प्रकृति की अपार कृपा Time व Space के Combinationको नहीं पहचानता है। इसी कारण हर कोई अपनी बुद्धि, इच्छाओं व तथाकथित धार्मिक पाखंडों के भरोसे जीवन को सफल बनाने में लगा हुआ है। ...और इसका अंतिम परिणाम हमारे सामने है।
पूरी दुनिया नास्तिकों से भरी पड़ी है। इसका सबूत यह कि कोई भी व्यक्ति प्रकृति की अपार कृपा Time व Space के Combinationको नहीं पहचानता है। इसी कारण हर कोई अपनी बुद्धि, इच्छाओं व तथाकथित धार्मिक पाखंडों के भरोसे जीवन को सफल बनाने में लगा हुआ है। ...और इसका अंतिम परिणाम हमारे सामने है।
यदि आप अपनी निगाह लगातार करनेवाले यानी ‘अहंकार’ की जगह, देखनेवाले यानी ‘द्रष्टा’ पर बनाये रखेंगे...तो आपका वस्तुओं, व्यक्तियों व कर्मों से तादात्म्य टूट जाएगा। संसार के सारे दुःखों का मूल इस तादात्म्य में ही छिपा हुआ है।
यदि आप अपनी निगाह लगातार करनेवाले यानी ‘अहंकार’ की जगह, देखनेवाले यानी ‘द्रष्टा’ पर बनाये रखेंगे...तो आपका वस्तुओं, व्यक्तियों व कर्मों से तादात्म्य टूट जाएगा। संसार के सारे दुःखों का मूल इस तादात्म्य में ही छिपा हुआ है।
जो ‘है’ उसका आनंद लेना तो समझ में आता है; पर उसके बिछड़ने का मातम मनाना हमेशा से समझ के परे रहा है।