कोटेशन्स
दीप त्रिवेदी

भारत के राजनेताओं व धर्मगुरुओं ने पिछले पचास वर्षों में देश की जनता को क्या सुकून पहुंचाया? और उसके सामने हमारे Legendary गायकों जैसे मोहम्मद रफी, किशोरकुमार व लता-आशा ने हमें क्या कुछ नहीं दिया? आज भी कम-से-कम औसत दो घंटे सबको सुकून से जीना उन्हीं की आवाज के सहारे नसीब हो रहा है।

‘भय’ और ‘लोभ’ एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। एक से स्वयं को बचा लो...दूसरे से स्वतः ही छुटकारा मिल जाएगा।

‘भय’ और ‘लोभ’ एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। एक से स्वयं को बचा लो...दूसरे से स्वतः ही छुटकारा मिल जाएगा।

विश्व के किसी भी देश को जितना सुकून कलाकारों ने पहुंचाया है; उतना ही चैन उनका वहां के राजनेताओं व धर्मगुरुओं ने मिलकर लूटा है।

किसी भी प्रकार की कला सीधे तौर पर ईश्वर को प्रकट करती है। मंदिर व चर्चों में तो ईश्वर के नाम पर किसी को बिठा दिया गया है।

किसी भी प्रकार की कला सीधे तौर पर ईश्वर को प्रकट करती है। मंदिर व चर्चों में तो ईश्वर के नाम पर किसी को बिठा दिया गया है।

जो कार्य आप करना नहीं जानते उसे अच्छे से पार पाड़ने का एक ही सिद्धांत है, जो जानता है उसके प्रति पूर्ण विश्वास के साथ समर्पण।

समझ नहीं आता कि मनुष्य को मस्ती और आनंद में जीने से उसके अलावा और कौन रोके हुए है? कोई नहीं। कोई रोक सकता भी नहीं। यह तो उसके उसकी बुद्धि से उत्पन्न किये हजारों नियम व डर ही हैं...जो उसे रोके हुए है।

‘कर्म करो पर फल की चिंता मत करो’ यह विश्व के सबसे बड़े ज्ञानी ‘‘कृष्ण’’ ने विश्व के सबसे अनूठे ग्रंथ ‘‘भगवद्गीता’’ में कहा उनका सबसे अद्भुत श्लोक है। विडंबना यह कि हमारी सारी पूजाएं, यज्ञ, उपवास, वास्तु, ज्योतिष सब फल की आशा से निकले कर्म हैं

जो कार्य आप करना नहीं जानते उसे अच्छे से पार पाड़ने का एक ही सिद्धांत है, जो जानता है उसके प्रति पूर्ण विश्वास के साथ समर्पण।

Proudly owned by Aatman Innovations Pvt. Ltd. Mumbai, India.   |   प्रायवेसी पॉलिसी   |   डिस्कलेमर   |   साइट मैप   |   Best View - (1280x720) Latest Browsers
Feedback/Testimonials
* इस वेबसाइट के किसी भी विवरण का किसी भी रूप में अंशतः या पूर्णतः निजी हित में उपयोग करते पाए जाने वाले व्यक्ति/कंपनी/संस्था के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।