किसी पर भी शंका करने से पूर्व हमें यह समझ लेना चाहिए कि हमारे ही शंकाओं के कंपन दूसरों को धोखा देने पर उकसाते हैं।
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किसी पर भी शंका करने से पूर्व हमें यह समझ लेना चाहिए कि हमारे ही शंकाओं के कंपन दूसरों को धोखा देने पर उकसाते हैं।
सफल जीवन वह है, जिसके मन में मृत्यु के समय कोई ‘चाह’ नहीं रह जाती।
सफल जीवन वह है, जिसके मन में मृत्यु के समय कोई ‘चाह’ नहीं रह जाती।
जो घोड़ा Race में First आता हो पर उसे सूखी व हरी घास का फर्क ही न मालूम हो, वह कब तक रेस में दौड़ पाएगा? जीवन की वास्तविकता न समझने वाले इन High Percentage से डिग्री प्राप्त करने वालों का भी यही हाल है।
जब पूरा विश्व ही धन की दौड़ में भाग रहा है तो मनुष्य शरीर की रक्षा करने वाले Doctors कैसे पीछे रह जाएं? हमारे सारे Blood Testकी Border Lines ही ऐसी बनायी गयी है कि एक नहीं तो दूसरी बढ़-घट किसी-न-किसी चीज में आ ही जाए, ताकि उनकी दवाइयां बिकती रहें।
मन का विज्ञान हमारे बुद्धि के ज्ञान से सर्वथा उलटा है। मन के तल पर चूंकि हम गलत कार्य कर पछताते हैं, इसीलिए उसी कार्य को फिर-फिर दोहराते हैं। अतः मन के तल पर पछताना नहीं, समझना हितकर है।
जीवन में मानसिक तौर पर पागल होने से बचना चाहते हो तो अपने प्रेम व क्रोध को खुला छोड़ दो। ...यह दोनों दबाने से विकृत हो जाते हैं।
जीवन में मानसिक तौर पर पागल होने से बचना चाहते हो तो अपने प्रेम व क्रोध को खुला छोड़ दो। ...यह दोनों दबाने से विकृत हो जाते हैं।
जितनी गलती ‘मूर्ख’ बनाने वाले की होती है, उससे कम गलती मूर्ख बनने वाले की नहीं होती। फर्क सिर्फ इतना है कि एक को सजा कानून देता है...जबकि दूसरा सजा स्वतः ही पा लेता है।
जीवन का अस्तित्व और उसका मजा दोनों उसकी ‘‘अनिश्चितताओं’’ में ही छिपा हुआ है।