जीसस हो या बुद्ध - कृष्ण हो या सुकरात, दुनिया का कोई व्यक्ति ऐसा नहीं जिसका जीवन व सोच पकड़ी न जा सके। क्योंकि अंत में तो वे भी हमारे संभावित ‘‘श्रेष्ठ-स्वरूप’’ से ज्यादा कुछ नहीं।
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जीसस हो या बुद्ध - कृष्ण हो या सुकरात, दुनिया का कोई व्यक्ति ऐसा नहीं जिसका जीवन व सोच पकड़ी न जा सके। क्योंकि अंत में तो वे भी हमारे संभावित ‘‘श्रेष्ठ-स्वरूप’’ से ज्यादा कुछ नहीं।
हमारे मन व जीवन के सिद्धांत, विज्ञान के सिद्धांतों से कहीं गहरे व ऊंचे हैं। दरअसल विज्ञान की भी सारी खोजें तो मन व जीवन के सिद्धांतों को ही आभारी हैं।
हमारे मन व जीवन के सिद्धांत, विज्ञान के सिद्धांतों से कहीं गहरे व ऊंचे हैं। दरअसल विज्ञान की भी सारी खोजें तो मन व जीवन के सिद्धांतों को ही आभारी हैं।
हमारे मन व जीवन के सिद्धांत, विज्ञान के सिद्धांतों से कहीं गहरे व ऊंचे हैं। दरअसल विज्ञान की भी सारी खोजें तो मन व जीवन के सिद्धांतों को ही आभारी हैं।
मनुष्य का उसके स्वभाव के अलावा कोई शत्रु नहीं।
परम स्वतंत्रता का अर्थ है ‘‘स्व-अनुशासन’’ से खुलकर जीना। अहंकार का अर्थ है धर्म, समाज व अच्छे-बुरे के हजारों उधार लिये अनुशासन से जीना।