आपका मन एक Computer की तर्ज पर काम करता है। उसमें Data डालने और Delete करने दोनों के अधिकार आपके पास हैं। आपने यह अधिकार दूसरों को देकर ही अपने मन के Computer को Corrupt कर लिया है।
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आपका मन एक Computer की तर्ज पर काम करता है। उसमें Data डालने और Delete करने दोनों के अधिकार आपके पास हैं। आपने यह अधिकार दूसरों को देकर ही अपने मन के Computer को Corrupt कर लिया है।
एकसाथ कई कार्य हाथ में लेने से सारे कार्य बिगड़ जाते हैं। उन्हें एक-एक कर निपटाने से सभी को अंजाम तक पहुंचाया जा सकता है।
आपके पास क्या और कितना है यह आपके धनी होने का सबूत नहीं...पर हां, आप क्या व कितना और पाना चाहते हैं, यह आपकी दरिद्रता को अवश्य दर्शाता है।
आपके पास क्या और कितना है यह आपके धनी होने का सबूत नहीं...पर हां, आप क्या व कितना और पाना चाहते हैं, यह आपकी दरिद्रता को अवश्य दर्शाता है।
आपके पास क्या और कितना है यह आपके धनी होने का सबूत नहीं...पर हां, आप क्या व कितना और पाना चाहते हैं, यह आपकी दरिद्रता को अवश्य दर्शाता है।
कभी भूख लगी होने के बावजूद हम उपवास करते हैं, तो कभी खेलने की इच्छा के बावजूद स्कूल चले जाते हैं। ...याद नहीं आता यह स्वाभाविक इच्छाएं मारने की शिक्षाएं कब और कहां से शुरू हुई?
प्रकृति में कोई भी स्वार्थ-भावना से नहीं जी रहा है। हम अपनी स्वार्थ-प्रवृत्ति के कारण ही प्रकृति से टूट चुके हैं।
नियम और संकल्पों से हमेशा बचें। मशीनें ठीक वक्त पर चालू और बंद की जा सकती हैं, लेकिन मन के लिए तो जब जागो तब सबेरा है। मन और मशीन का यह फर्क जान अपना जीवन मशीन जैसा होने से बचायें।
सच्चे निर्णय पर पहुंचने के दो ही उपाय हैं, एक या तो उस विषय के बाबत आप सबकुछ जानते हैं या कि यह मान लें कि आप कुछ नहीं जानते। ...यहां पहला भ्रम-मात्र है।
मनुष्य इस ब्रह्मांड का एक मात्र प्राणी है जो सफल और आनंदित हो सकता है । इसीलिये ब्रह्मांड में मनुष्य ही एक मात्र ऐसा प्राणी है जो असफल और दुःखी भी हो सकता है।