कोटेशन्स
जीवन

हम ‘‘मनुष्य’’ के शरीर, संस्कृति व चेतना के जिस Refined स्वरूप को देख रहे हैं, वह अरबों वर्षों के करोड़ों असफल प्रयास के बाद प्राप्त हुआ है। ऐसे मूल्यवान जीवन को सिर्फ शिक्षा, शादी, बच्चे, कमाने व बुढ़ापे के रोने में नष्ट नहीं किया जा सकता।

-दीप त्रिवेदी

हम कौन से मन में जीयेंगे उसका फैसला हमारे भीतर की ऊर्जा करती है। हमारे अंदर जितनी ज्यादा ऊर्जा संग्रहित होती है...उतना ही हम गहरे से जीना शुरू कर देते हैं।

-दीप त्रिवेदी

आप जीवन को कितनी गहराई से समझ रहे हैं इस बात का अंदाजा इससे लग जाता है कि आप अपने साथ घटने वाली अच्छी-बुरी घटना से कितनी जल्दी बाहर निकल आते हैं।

-दीप त्रिवेदी

मनुष्य का जीवन Compromise करने के लिये नहीं होता, बल्कि अपनी प्रतिभा के जोर पर अपनी राह खुद प्रशस्त करने के लिए होता है।

-दीप त्रिवेदी

जीवन साठ वर्ष का है, यह मानकर हम पूरे जीवन को ‘‘एक’’ मानकर जीते हैं। इसी कारण भूतकाल की यादें व भविष्य का डर हमें सताता रहता है। जबकि वास्तव में जीवन खरबों क्षणों के जोड़ का नाम है। अतः हर क्षण-नया क्षण। और जब हर क्षण नया क्षण है...तो कौन-सा भूतकाल व किसका भविष्य?

-दीप त्रिवेदी

मनुष्य के शरीर बाबत Science के सारे तारण हमेशा 'Ifs and Buts' के सहारे ही रहेंगे। क्योंकि जीवन की अनिश्चितता ही ‘‘कुदरत की लीला’’ है।

-दीप त्रिवेदी

जन्म एक क्षण है। मृत्यु भी एक क्षण है। इन दोनों के बीच के क्षणों के जोड़ को ही हम जीवन कहते हैं। इस लिहाज से समय वाकई मूल्यवान है। हम अपना समय कहां व किन बातों में गंवा रहे हैं... यह गौर करते ही हमारी सारी समस्याओं का अंत आ सकता है।

-दीप त्रिवेदी

मनुष्य जीवन...कुदरत के नियम, उसका अपना स्वभाव, उसकी बुद्धि, मन, हृदय, DNA तथा उसके अपने अनुभवों समेत की सात वस्तुओं से प्रभावित होता है। आठवीं कोई वस्तु या कारण उसे रत्तीभर प्रभावित नहीं करते।

-दीप त्रिवेदी

मनुष्य-जीवन में कोई Planning करने लायक है तो वह एक ही है कि जब वह जीवन की अंतिम सांसें ले रहा हो तब उसे ना तो कोई Guilt होनी चाहिए और ना ही असंतोष का कोई भाव। ...सबकुछ करने के बाद भी यदि दुनिया से विदा लेते वक्त किसी प्रकार का असंतोष या पश्चाताप हो...तो फिर उसने जीवन में किया क्या?

-दीप त्रिवेदी

जीवन सिर्फ वर्तमान है। और उस वर्तमान में न तो भूतकाल की यादें समा सकती है, न भविष्य की चिंताएं। जीवन के सारे दुःखों की जड़ ही इस वर्तमान में भूतकाल या भविष्य को समाने की चेष्टा करने के कारण है।

-दीप त्रिवेदी

Proudly owned by Aatman Innovations Pvt. Ltd. Mumbai, India.   |   प्रायवेसी पॉलिसी   |   डिस्कलेमर   |   साइट मैप   |   Best View - (1280x720) Latest Browsers
Feedback/Testimonials
* इस वेबसाइट के किसी भी विवरण का किसी भी रूप में अंशतः या पूर्णतः निजी हित में उपयोग करते पाए जाने वाले व्यक्ति/कंपनी/संस्था के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।