यह नहीं है कि मुस्लिम समुदाय परिवर्तित नहीं हो रहा है, पर उसकी गति अत्यंत धीमी है। वे समझते क्यों नहीं कि विश्व के साथ कदम-से-कदम मिलाए बगैर कोई प्रगति की राह पर आगे नहीं बढ़ सकता।
-दीप त्रिवेदी