मंदिर-मस्जिद-चर्च न जाने वाले करोड़ों-करोड़ लोग इस विश्व में जी रहे हैं, और हकीकत यह है कि वे ज्यादा चैन व मजे से जी रहे हैं। लेकिन संसार का कोई भी व्यक्ति आज ‘‘विज्ञान’’ के उपयोग के बगैर नहीं जी रहा। जी के देख लें, ‘नर्क’ किसे कहते हैं...पता चल जाएगा।
-दीप त्रिवेदी