यदि आपको बुद्ध, जीसस, कृष्ण या किसी भी बड़े Philosophers की बात को समझना है तो, उनकी कही बातों में दो भेद करने का ज्ञान होना आवश्यक है। एक ‘सनातन-सत्य’ व दूसरा ‘समय का सत्य’। इन दोनों में भेद किये बगैर आप उनकी सारी बातों का उलटा अर्थ ही निकालेंगे।
-दीप त्रिवेदी