पहले तो हम सिर्फ मंदिर में जाकर कुछ चढ़ा आते थे। अब तो पंडितों की लालच इतनी बढ़ गयी है कि वे आश्वासनोंें के नाम पर अंगूठी, धागे व प्रतिष्ठान भी बेचकर गरीब जनता को लूटने में लग गए हैं।
-दीप त्रिवेदी