आपको हजार काम छोड़ आपके व परम-सत्ता के बीच संवाद स्थापित करना है। संवाद स्थापित होते ही आपके सारे भ्रम टूट जाएंगे। और जिसको कोई ‘‘भ्रम’’ ही न रहा उसे सफलता के शिखर छूने से कौन रोक सकता है?
-दीप त्रिवेदी