मन का विज्ञान हमारे बुद्धि के ज्ञान से सर्वथा उलटा है। मन के तल पर चूंकि हम गलत कार्य कर पछताते हैं, इसीलिए उसी कार्य को फिर-फिर दोहराते हैं। अतः मन के तल पर पछताना नहीं, समझना हितकर है।
-दीप त्रिवेदी