कोटेशन्स
Top Views

दुनिया का कोई भगवान इतने छोटे मन का नहीं हो सकता कि उसे चापलूसी या पूजा की आवश्यकता पड़ जाए। और ऐसा करने से वह खुश हो जाए या आपका कुछ फायदा करा दे, यह तो संभव ही नहीं। ...ऐसा तो सिर्फ शैतान ही हो सकता है।

-दीप त्रिवेदी

राजा वह है जो अपना मालिक स्वयं है। आप तो अपने धर्म, जाति, समाज, विचारों, इच्छाओं व चिंताओं के सेवक हैं।

-दीप त्रिवेदी

जीवन हो या व्यवसाय, आगे वही बढ़ता है जो ना सिर्फ जहां खड़ा है वहां दृढ़ता से खड़ा रहता है, बल्कि उसी से संतुष्ट भी रहता है।

-दीप त्रिवेदी

जीवन हो या व्यवसाय, स्वतंत्रता ही उसे पनपा सकती है। यदि देश का विकास करना है तो Free Economy के अलावा इसका कोई Solution नहीं।

-दीप त्रिवेदी

चूंकि हम ताकतवर के सामने क्रोध दबाते हैं, इसीलिए कमजोरों पर मौके-बे मौके क्रोध निकालते रहते हैं।

-दीप त्रिवेदी

आप ईश्वर भरोसे जीने से पूर्व यह तो देख लें कि उसे पक्षपात कर आपका कुछ हित करने की Authority है भी या नहीं?

-दीप त्रिवेदी

‘आनंद’ सिर्फ उन कर्मों से उत्पन्न होता है, जिनका फल हाथोंहाथ मिलता है। ‘कर्म’ आज व ‘फल’ कल, ऐसे कर्मो से केवल सुख-दुःख उत्पन्न होते हैं।

-दीप त्रिवेदी

चाहे आपका उससे रिश्ता कुछ भी क्यों न हो, बने वहां तक किसी के जाती जीवन में दखल न दें। क्योंकि अभी आपको स्वयं अच्छे-बुरे की पहचान कहां? जब तक आत्मिक सुख-दुःख व अहंकार के सुख-दुःख का आपको भेद नहीं मालूम, दूसरों के जीवन से दूर ही रहें तो अच्छा है।

-दीप त्रिवेदी

मन और शरीर का गहरा ताल्लुक है। शरीर में एसीड बढ़ जाए तो अक्सर चिंताएं पकड़ती हैं। वहीं यह भी सच है कि आपका स्वभाव नकारात्मक हो तो आप ‘‘फल’’ खायेंगे तो भी एसीड पकड़ लेगा।

-दीप त्रिवेदी

आपके भीतर दो आधार मजबूती से उपस्थित हैं। एक आपका ‘द्रष्टा’ व दूसरा आपका ‘अहंकार’। अहंकार वह जो सब कुछ कर रहा है व द्रष्टा वह जो सबकुछ होता हुआ देख रहा है।

-दीप त्रिवेदी

Proudly owned by Aatman Innovations Pvt. Ltd. Mumbai, India.   |   प्रायवेसी पॉलिसी   |   डिस्कलेमर   |   साइट मैप   |   Best View - (1280x720) Latest Browsers
Feedback/Testimonials
* इस वेबसाइट के किसी भी विवरण का किसी भी रूप में अंशतः या पूर्णतः निजी हित में उपयोग करते पाए जाने वाले व्यक्ति/कंपनी/संस्था के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।