विश्व के अन्य कणों की तरह ‘‘अहंकार’’ को भी मिटाया नहीं जा सकता है। हां, पर उसका आत्मिक गुणों में रूपांतरण अवश्य हो सकता है। ...पर जैसे ही कोई ‘‘बुद्ध’’ उसकी कोशिश करता है, मिटने के डर से अहंकार प्रतिकार को उतर आता है।
-दीप त्रिवेदी